मुजफ्फरपुर में ‘सहयोग शिविर’ की खुली पोल! कहीं जनता नदारद, कहीं अधिकारी गायब, कम भीड़ देख विधायक भड़कीं
मुजफ्फरपुर के मुशहरी में सहयोग शिविरों में कहीं जनता नदारद रही तो कहीं अधिकारी और जरूरी फॉर्म नहीं मिले। कम भीड़ देखकर विधायक बेबी कुमारी ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर सूचना नहीं देने का आरोप लगाया।
मुजफ्फरपुर: सहयोग शिविर में कहीं जनता नदारद, कहीं अधिकारी गायब, विधायक ने जताई नाराजगी
मुजफ्फरपुर: मुशहरी प्रखंड में आयोजित सहयोग शिविरों की व्यवस्था पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर सूचना नहीं देने का लगाया आरोप
मुजफ्फरपुर। मुशहरी प्रखंड की नरौली, डुमरी और मनिका हरिकेश पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर अपेक्षित जनभागीदारी और व्यवस्थाओं की कमी को लेकर सवालों के घेरे में आ गया। कहीं शिविर में ग्रामीणों की संख्या बेहद कम रही, तो कहीं संबंधित विभाग के अधिकारी और जरूरी फॉर्म तक उपलब्ध नहीं मिले।
कम भीड़ देखकर विधायक ने जताई नाराजगी
नरौली पंचायत में सहयोग शिविर का निरीक्षण करने पहुंचीं बोचहां विधायक बेबी कुमारी ने शिविर में ग्रामीणों की कम संख्या देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने शिविर के प्रचार-प्रसार और आम लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने को लेकर सवाल उठाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें सहयोग शिविर के आयोजन की पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। कई लोगों ने बताया कि पंचायत स्तर से सूचना नहीं मिलने के कारण उन्हें शिविर के बारे में पता ही नहीं चल सका।
मनिका हरिकेश में जरूरी फॉर्म तक नहीं मिले
मनिका हरिकेश पंचायत में आयोजित शिविर में व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठे। यहां ग्रामीणों के लिए जन्म प्रमाण पत्र और शौचालय अनुदान से संबंधित फॉर्म तक उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई।
वहीं, सहकारिता विभाग के टेबल पर अधिकारी मौजूद नहीं दिखे, जिससे संबंधित काम के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
डुमरी में प्रचार-प्रसार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
डुमरी पंचायत में भी शिविर में कम संख्या में ग्रामीण पहुंचे। पंचायत समिति सदस्य रोशन कुशवाहा ने पंचायत सचिव पर शिविर का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं करने का आरोप लगाया। हालांकि, पंचायत सचिव ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत स्तर पर समय रहते लोगों को शिविर की जानकारी दी जाती और सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहते, तो अधिक संख्या में लोग अपनी समस्याओं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पहुंच सकते थे।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
शिविर की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद निरीक्षण के लिए अंचल अधिकारी, बीडीओ और मुशहरी थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने शिविर की व्यवस्था और मौजूदगी का जायजा लिया।
अब सवाल यह उठ रहा है कि जब सहयोग शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है, तो पर्याप्त प्रचार-प्रसार और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित क्यों नहीं की गई?
ग्रामीणों की कम भागीदारी और कई विभागों की व्यवस्थाओं में कमी ने सहयोग शिविर के आयोजन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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