मुजफ्फरपुर के जीरो माइल पर बस-ऑटो की मनमानी, ट्रैफिक सिग्नल पर घंटों जाम
मुजफ्फरपुर के जीरो माइल ट्रैफिक सिग्नल पर बस और ऑटो सड़क पर खड़े कर सवारी बैठाते हैं, जिससे रोज घंटों तक जाम की समस्या बनी रहती है।
Muzaffarpur News: जीरो माइल पर बस-ऑटो की मनमानी से रोजाना जाम, एंबुलेंस भी फंसने से बढ़ी चिंता
मुजफ्फरपुर। शहर के प्रमुख ट्रैफिक प्वाइंट में शामिल जीरो माइल पर जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। मुख्य सड़क पर बस और ऑटो खड़े कर यात्रियों को बैठाने के कारण दिन के व्यस्त समय में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सड़क पर वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ ही स्थिति कई बार ऐसी बन जाती है कि लोगों को कुछ दूरी तय करने में भी काफी समय लग जाता है।
जीरो माइल से होकर SKMCH और सीतामढ़ी रोड की ओर बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। इस मार्ग पर जाम लगने का सीधा असर मरीजों और उनके परिजनों पर भी पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम के दौरान एंबुलेंस के लिए रास्ता निकालना मुश्किल हो जाता है। गंभीर मरीज को लेकर अस्पताल जा रही एंबुलेंस यदि ट्रैफिक में फंस जाए तो स्थिति और चिंताजनक हो सकती है।
निर्धारित पड़ाव के बावजूद सड़क पर ऑटो
जीरो माइल इलाके में ऑटो के लिए निर्धारित पड़ाव मौजूद है। इसके बावजूद कई चालक ऑटो को पड़ाव में खड़ा करने के बजाय मुख्य सड़क के किनारे या सड़क पर ही रोककर यात्रियों का इंतजार करते हैं। यात्रियों के आते ही चालक वहीं ऑटो रोककर सवारी बैठाने लगते हैं। इससे पीछे से आने वाले वाहनों के लिए सड़क की उपलब्ध जगह कम हो जाती है और धीरे-धीरे वाहनों की कतार बनने लगती है।
बसों की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। यात्रियों को चढ़ाने और उतारने के लिए बसों के सड़क किनारे रुकने से यातायात की रफ्तार प्रभावित होती है। व्यस्त समय में एक साथ कई वाहन रुकने पर जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
अतिक्रमण से परेशानी और बढ़ी
स्थानीय लोगों के अनुसार जीरो माइल क्षेत्र में सड़क किनारे होने वाला अतिक्रमण भी ट्रैफिक समस्या का एक प्रमुख कारण है। सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम होने से वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती। ऐसे में यदि बस या ऑटो सड़क पर रुक जाए तो वाहनों को निकलने में काफी परेशानी होती है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
जाम और अतिक्रमण की समस्या को देखते हुए प्रशासन की ओर से पहले भी कई बार अभियान चलाकर सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाया गया है। यातायात को व्यवस्थित करने के लिए रूट और लाइन व्यवस्था बनाने की कोशिश भी की गई। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई के कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।
लोगों का आरोप है कि सड़क पर वाहन खड़े कर सवारी बैठाने की प्रवृत्ति पर लगातार निगरानी नहीं होने के कारण नियमों का पालन प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने जीरो माइल की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि निर्धारित ऑटो पड़ाव में ही वाहनों को खड़ा कराने की व्यवस्था सख्ती से लागू की जाए। मुख्य सड़क पर बस या ऑटो रोककर सवारी बैठाने वालों पर कार्रवाई हो और अतिक्रमण के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाए।
लोगों का कहना है कि जीरो माइल जैसे
महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात व्यवस्था बेहतर होना जरूरी है, क्योंकि यहां से रोजाना बड़ी संख्या में आम लोगों के साथ मरीजों को लेकर वाहन भी गुजरते हैं। प्रशासन यदि नियमों का सख्ती से पालन कराए और नियमित निगरानी रखे तो जाम की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
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