मुजफ्फरपुर SKMCH में गंभीर मरीज को ट्रॉली के लिए घंटों इंतजार, इमरजेंसी गेट पर खड़ी रहीं दो एंबुलेंस
मुजफ्फरपुर SKMCH में गंभीर मरीज को इमरजेंसी तक पहुंचाने के लिए ट्रॉली का इंतजार करना पड़ा। शिकायत मिलने पर हेल्थ मैनेजर मौके पर पहुंचे और व्यवस्था कराई।
मुजफ्फरपुर SKMCH में गंभीर मरीज को ट्रॉली के लिए करना पड़ा घंटों इंतजार, इमरजेंसी गेट पर खड़ी रहीं दो एंबुलेंस
मुजफ्फरपुर: जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) में स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। गंभीर हालत में सदर अस्पताल से रेफर होकर पहुंचे एक मरीज को इमरजेंसी वार्ड में ले जाने के लिए ट्रॉली का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान इमरजेंसी वार्ड के गेट पर दो एंबुलेंस खड़ी रहीं और मरीजों के परिजन परेशान होते रहे।
मामला सोमवार का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मरीज की पहचान मीनापुर थाना क्षेत्र के घोसौत गांव निवासी देवेंद्र झा के रूप में हुई है। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पहले सदर अस्पताल मुजफ्फरपुर में भर्ती कराया गया था। वहां स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए SKMCH रेफर कर दिया।
इमरजेंसी गेट पर गंभीर मरीज, लेकिन नहीं मिली ट्रॉली
मरीज के पुत्र आनंद झा ने बताया कि उनके पिता की हालत गंभीर थी और सदर अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद उन्हें एंबुलेंस से SKMCH लाया गया। आरोप है कि SKMCH के इमरजेंसी वार्ड के गेट पर पहुंचने के बाद काफी देर तक ट्रॉली उपलब्ध नहीं कराई गई।
उन्होंने बताया कि मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी। इमरजेंसी गेट पर दो एंबुलेंस खड़ी थीं, लेकिन मरीजों को वार्ड तक पहुंचाने के लिए ट्रॉली की व्यवस्था नहीं हो सकी।
शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे हेल्थ मैनेजर
मामले की जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने SKMCH के हेल्थ मैनेजर संजय कुमार से शिकायत की। शिकायत मिलते ही हेल्थ मैनेजर इमरजेंसी वार्ड के गेट पर पहुंचे और वहां मौजूद व्यवस्था का जायजा लिया।
बताया गया कि उन्होंने गार्ड को फटकार लगाई और ट्रॉलीमैन के सुपरवाइजर को बुलाने का निर्देश दिया। इसके बाद सुपरवाइजर के पहुंचने पर उन्हें भी व्यवस्था को लेकर फटकार लगाई गई और गंभीर मरीज के लिए तत्काल ट्रॉली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
हेल्थ मैनेजर ने बताई ट्रॉली की समस्या
हेल्थ मैनेजर संजय कुमार ने बताया कि कई बार ट्रॉलीमैन मरीजों को अलग-अलग वार्डों तक पहुंचा देते हैं, लेकिन मरीजों के परिजन ट्रॉली को समय पर वापस नहीं भेजते हैं। इसके कारण इमरजेंसी के पास ट्रॉली की कमी हो जाती है।
हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इमरजेंसी वार्ड के गेट पर ट्रॉली की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रहनी चाहिए, ताकि गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
रालोमो नेता ने की कार्रवाई की मांग
इस मामले को लेकर रालोमो नेता दिलीप कुशवाहा ने SKMCH की स्वास्थ्य व्यवस्था और कथित लापरवाही की निंदा की है। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों को ट्रॉली जैसी बुनियादी सुविधा के लिए इंतजार करना बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने मामले की शिकायत जिला प्रशासन से करने की बात कही है। साथ ही SKMCH परिसर की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
गंभीर मरीजों की सुविधा पर फिर उठे सवाल
SKMCH में लगातार सामने आ रही व्यवस्थागत कमियों को लेकर मरीजों और उनके परिजनों की परेशानियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। गंभीर मरीज को इमरजेंसी तक पहुंचाने के लिए ट्रॉली जैसी आवश्यक सुविधा का समय पर उपलब्ध नहीं होना अस्पताल प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
अब देखना होगा कि इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन इमरजेंसी वार्ड के बाहर ट्रॉली की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।
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