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Muzaffarpur News: हेडमास्टर बनते ही ऑफिस का गंगाजल से शुद्धिकरण, वीडियो वायरल; शिक्षक सस्पेंड

मुजफ्फरपुर में हेडमास्टर का प्रभार लेते ही ऑफिस और कुर्सी का गंगाजल से शुद्धिकरण, वीडियो वायरल होने पर शिक्षक सस्पेंड।

7 सितंबर 2026 को 9:17 AM बजे
Muzaffarpur, Bihar
Crime Sach Khabar
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हेडमास्टर का प्रभार लेते ही ऑफिस और कुर्सी का गंगाजल से शुद्धिकरण, वीडियो वायरल होने पर शिक्षक निलंबित

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के एक सरकारी स्कूल से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है। मुरौल प्रखंड स्थित राजकीयकृत शिवनंदन उच्च माध्यमिक विद्यालय में नए प्रभारी प्रधानाध्यापक द्वारा कार्यालय और कुर्सी का गंगाजल से शुद्धिकरण किए जाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।

प्रधानाध्यापक के प्रभार को लेकर चल रहा था विवाद

जानकारी के अनुसार, विद्यालय में प्रधानाध्यापक के प्रभार को लेकर पिछले करीब चार महीने से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। इससे पहले सुशील कुमार निषाद प्रधानाध्यापक के प्रभार में थे। इसी बीच जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश के बाद 2 सितंबर को शिक्षक ज्ञान प्रकाश को विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक का प्रभार सौंपा गया।

प्रभार मिलते ही शुद्धिकरण का वीडियो वायरल

प्रभार संभालने के बाद ज्ञान प्रकाश के कार्यालय में पहुंचने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वायरल वीडियो में कथित तौर पर वह प्रधानाध्यापक की कुर्सी और कार्यालय का गंगाजल से शुद्धिकरण करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में मंत्रोच्चार किए जाने की बात भी सामने आई है।

वीडियो वायरल होने के बाद मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई। सरकारी स्कूल में इस तरह की गतिविधि को लेकर लोगों ने सवाल उठाए।

शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई

वायरल वीडियो शिक्षा विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में पहुंचने के बाद मामले में कार्रवाई की गई। जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविन्द सिन्हा ने शिक्षक ज्ञान प्रकाश को निलंबित कर दिया है। साथ ही उनसे पूरे मामले को लेकर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति

इस घटना ने सरकारी विद्यालयों में सामाजिक समानता और भेदभाव को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, वायरल वीडियो के पीछे शिक्षक की वास्तविक मंशा क्या थी और कार्यालय तथा कुर्सी का शुद्धिकरण किस वजह से किया गया, इसकी पूरी तस्वीर विभागीय जांच और शिक्षक के स्पष्टीकरण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

वहीं, प्रधानाध्यापक के प्रभार को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद ने भी विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। अब लोगों की नजर विभागीय जांच और शिक्षक के स्पष्टीकरण पर है।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और इस पूरे मामले के पीछे की वजह क्या थी।

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