Muzaffarpur News: फर्जी Instagram ID से नाबालिग को फंसाने और ब्लैकमेल करने का आरोप, FIR दर्ज
मुजफ्फरपुर में फर्जी Instagram ID के जरिए नाबालिग को कथित तौर पर फंसाने और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Muzaffarpur News: फर्जी Instagram ID से किशोरी को प्रेमजाल में फंसाने का आरोप, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का मामला
मुजफ्फरपुर: काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए एक नाबालिग किशोरी को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। किशोरी ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि Instagram पर फर्जी नाम से बनाए गए अकाउंट के जरिए उससे संपर्क किया गया। बातचीत बढ़ने के बाद शादी का भरोसा देकर उसे विश्वास में लिया गया और कथित रूप से उसका आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर लिया गया।
पीड़िता के आवेदन के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार को पॉक्सो एक्ट सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर, बातचीत और कथित तौर पर किए गए रुपये के लेनदेन समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
Instagram पर फर्जी नाम से बनाया था अकाउंट
किशोरी ने पुलिस को बताया कि Instagram पर ‘फैसल’ नाम के एक अकाउंट से उससे संपर्क हुआ था। शुरुआत में सामान्य बातचीत हुई। आरोप है कि धीरे-धीरे बातचीत व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच गई और युवक ने किशोरी की पारिवारिक एवं आर्थिक परिस्थितियों के बारे में जानकारी हासिल की।
आवेदन के अनुसार, इसी दौरान शादी करने का भरोसा देकर किशोरी का विश्वास जीता गया। बाद में कथित तौर पर उसकी निजी तस्वीर या वीडियो आरोपित के पास पहुंच गया। इसके बाद उसी सामग्री को सार्वजनिक करने की धमकी देकर किशोरी और उसके परिवार पर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है।
होटल में भेजने का दबाव डालने का आरोप
मामले में एक गंभीर आरोप यह भी है कि किशोरी पर कथित तौर पर बड़े होटलों में ग्राहकों के पास जाने और देह व्यापार करने का दबाव बनाया गया। पीड़िता ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि ऐसा करने पर पैसे मिलने का लालच दिया गया था।
किशोरी के अनुसार, जब उसने इस तरह की गतिविधि में शामिल होने से इनकार किया तो उसके कथित आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर डालने की धमकी दी गई। इसके बाद उससे कथित रूप से दो लाख रुपये की मांग की गई।
परिवार ने 70 हजार रुपये दिए, फिर भी जारी रही मांग
कथित धमकी से परेशान परिवार ने वीडियो वायरल होने के डर से रुपये जुटाने की कोशिश की। किशोरी के आवेदन के मुताबिक, उसकी मां की सोने की बाली बेचकर करीब 70 हजार रुपये जुटाए गए और यह रकम आरोपितों के बताए गए एक व्यक्ति के माध्यम से दिए जाने का दावा किया गया है।
पीड़िता का आरोप है कि रकम दिए जाने के बावजूद मामला खत्म नहीं हुआ। कथित तौर पर उससे शेष 1.30 लाख रुपये की मांग की जाती रही। बाद में उसका निजी वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने का आरोप लगाया गया है।
विरोध करने पर धमकी देने का भी आरोप
किशोरी ने पुलिस को यह भी बताया कि वीडियो वायरल किए जाने का विरोध करने पर फोन पर कथित तौर पर गाली-गलौज की गई। आवेदन में चेहरे पर तेजाब डालने जैसी गंभीर धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
इन आरोपों के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि, प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
डिजिटल जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाई
पुलिस की जांच का मुख्य फोकस कथित फर्जी Instagram अकाउंट और उससे जुड़े मोबाइल नंबरों पर है। इसके अलावा पुलिस सोशल मीडिया चैट, कॉल डिटेल, वीडियो के प्रसार, रुपये के लेनदेन और कथित बिचौलिए की भूमिका से संबंधित साक्ष्य जुटाने में लगी है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना में केवल एक व्यक्ति शामिल है या इसके पीछे कई लोगों का समूह काम कर रहा है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आरोपितों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह खबर पुलिस को दिए गए आवेदन और प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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