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Muzaffarpur Skmch News: चार इंजेक्शन के बाद मरीज की मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में इलाज के दौरान 50 वर्षीय मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने चार इंजेक्शन देने के बाद तबीयत बिगड़ने और समय पर डॉक्टर के नहीं पहुंचने का आरोप लगाया है। अस्पताल अधीक्षक ने मामले की जानकारी जुटाने और जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की बात कही है।

5 सितंबर 2026 को 10:47 PM बजे
Muzaffarpur, Bihar
Crime Sach Khabar
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मुजफ्फरपुर SKMCH में चार इंजेक्शन लगाने के बाद मरीज की मौत, परिजनों ने इलाज की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

मुजफ्फरपुर: श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) में इलाज के दौरान एक 50 वर्षीय मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में उपचार की प्रक्रिया और चिकित्सकीय निगरानी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। मृतक की पहचान मोतिहारी जिले के कुंडवा चैनपुर थाना क्षेत्र के समानपुर मठ निवासी किशोरी पासवान (50) के रूप में हुई है।

परिजनों के मुताबिक, किशोरी पासवान को सांस लेने में परेशानी होने पर एंबुलेंस से इलाज के लिए एसकेएमसीएच लाया गया था। अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। इसी दौरान हुई घटनाओं को लेकर मृतक के परिवार ने अस्पताल कर्मियों पर कई आरोप लगाए हैं।

चार इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत, बेटी ने लगाए आरोप

मृतक की बेटी ममता कुमारी का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती कराने के कुछ समय बाद एक पुरुष स्वास्थ्यकर्मी ने उनके पिता को लगातार चार इंजेक्शन लगाए। ममता के अनुसार, इंजेक्शन दिए जाने के बाद किशोरी पासवान की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।

परिजनों का कहना है कि मरीज की हालत तेजी से गंभीर होने के बाद उन्होंने चिकित्सक को बुलाने और तत्काल इलाज उपलब्ध कराने की कोशिश की। ममता का दावा है कि उस समय उन्हें समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी। कुछ ही देर बाद किशोरी पासवान की मौत हो गई।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि मरीज को कौन-कौन सी दवाएं या इंजेक्शन दिए गए थे और उनकी मौत का चिकित्सकीय कारण क्या था। इन बिंदुओं की पुष्टि जांच और अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर ही हो सकेगी।

इलाज से लेकर मौत तक की प्रक्रिया पर सवाल

मौत के बाद परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। ममता कुमारी ने कहा कि परिवार अपने पिता को बेहतर इलाज की उम्मीद में एसकेएमसीएच लेकर पहुंचा था। उनका आरोप है कि यदि मरीज की हालत बिगड़ने के दौरान तत्काल डॉक्टर की निगरानी और आवश्यक उपचार मिलता, तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी।

परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अस्पताल में मरीज को दिए गए इंजेक्शन, इलाज की पूरी प्रक्रिया, चिकित्सकों की निगरानी और उस समय मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। परिवार ने जांच के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

अधीक्षक बोले- जानकारी जुटाई जा रही

मामले को लेकर एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल मरीज की मौत के कारणों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक जांच के बाद ही यह सामने आएगा कि मरीज की तबीयत क्यों बिगड़ी और उपचार के दौरान अस्पताल की ओर से निर्धारित चिकित्सकीय प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं।

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