मुजफ्फरपुर: मुशहरी में पेड़ काटने के दौरान 11 हजार बिजली की करंट से 80 वर्षीय वृद्ध की मौत
मुजफ्फरपुर के मुशहरी थाना क्षेत्र के आथर गांव (रमई नगर) में पेड़ काटने के दौरान बिजली का करंट लगने से अमका पासवान नामक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई है। घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मुजफ्फरपुर में पेड़ काटने के दौरान करंट लगने से 80 वर्षीय वृद्ध की मौत, बिजली विभाग पर उठे सवाल
मुजफ्फरपुर: मुशहरी थाना क्षेत्र के आथर गांव स्थित रमई नगर में रविवार को बिजली का करंट लगने से 80 वर्षीय अमका पासवान की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, अमका पासवान रविवार की सुबह पेड़ की डालियां काट रहे थे। इसी पेड़ के पास से 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि पेड़ की डालियां बिजली के तार के संपर्क में आ रही थीं। इसी दौरान पेड़ काटने के क्रम में पेड़ बिजली के तार से सट गया, जिससे उसमें करंट फैल गया। इसकी चपेट में आने से अमका पासवान की जान चली गई। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें बिजली के संपर्क से दूर किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पेड़ काटने के दौरान हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के अनुसार, अमका पासवान सुबह अपने गांव में पेड़ काटने का काम कर रहे थे। पेड़ के पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन को लेकर ग्रामीणों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। बताया गया कि पेड़ बिजली के तार के संपर्क में आ गया था। पेड़ में करंट फैलने के कारण अमका पासवान इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और परिवार के सदस्यों को इसकी जानकारी दी गई। वृद्ध की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में शोक छा गया। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली की ऊंची क्षमता वाली लाइन के आसपास पेड़-पौधों की नियमित जांच जरूरी है। यदि पेड़ की डालियां तार के संपर्क में आ रही हों, तो संबंधित विभाग को समय रहते इसकी छंटाई की व्यवस्था करनी चाहिए।
ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर उठाए सवाल
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के तार के संपर्क में आने वाले पेड़-पौधों की पहचान कर समय पर उनकी छंटाई कराई जानी चाहिए। उनका मानना है कि यदि किसी स्थान पर पेड़ की डालियां 11 हजार वोल्ट की लाइन से सट रही हैं, तो विभागीय कर्मचारियों को सुरक्षा नियमों के अनुसार बिजली आपूर्ति बंद कराकर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। ग्रामीणों ने कहा कि बिजली लाइनों के आसपास नियमित निरीक्षण होने से ऐसी दुर्घटनाओं का खतरा कम किया जा सकता है। हालांकि, इस मामले में बिजली विभाग की ओर से किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी सामने नहीं आई है। ग्रामीणों के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से घटना को गंभीरता से लेने और क्षेत्र में बिजली लाइनों की स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
परिवार ने की मुआवजे की मांग
अमका पासवान की मौत के बाद परिवार के लोगों ने मुआवजा देने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि इस घटना से परिवार को गहरा सदमा पहुंचा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले पर ध्यान देने और नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी पीड़ित परिवार को उचित सहायता देने की अपील की है। बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं में सहायता का निर्णय संबंधित नियमों, जांच और पात्रता के आधार पर किया जाता है। फिलहाल इस मामले में मुआवजे को लेकर प्रशासन या बिजली विभाग की ओर से किसी आधिकारिक निर्णय की जानकारी नहीं मिली है। परिवार के लोग अब प्रशासन से मदद मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। घटना के बाद गांव के लोगों ने बिजली लाइनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया है।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलने के बाद मुशहरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच), मुजफ्फरपुर भेज दिया। मुशहरी थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार मेहता ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि आथर गांव में बिजली का करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। थाना अध्यक्ष के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। पुलिस की कार्रवाई के बाद घटना के कारणों और अन्य संबंधित पहलुओं को स्पष्ट करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
बिजली लाइनों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की ऊंची क्षमता वाली लाइनों के आसपास सुरक्षा और रखरखाव की आवश्यकता को फिर सामने ला दिया है। कई स्थानों पर पेड़-पौधों की डालियां बिजली के तारों के नजदीक पहुंच जाती हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में संबंधित बिजली विभाग को सूचना देना और प्रशिक्षित कर्मचारियों से सुरक्षित तरीके से छंटाई कराना जरूरी है। लोगों को 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन के पास स्वयं पेड़ काटने या तार से सटी डालियों को हटाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। यदि पेड़ बिजली के तार से संपर्क में हो, तो उससे दूरी बनाए रखनी चाहिए और बिजली विभाग को तुरंत सूचना देनी चाहिए। स्थानीय ग्रामीणों ने भी संबंधित अधिकारियों से क्षेत्र की बिजली लाइनों का निरीक्षण कराने की मांग की है। अब ग्रामीणों की नजर पुलिस की जांच और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर टिकी है।
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