Muzaffarpur Accident News: मुशहरी में कार की टक्कर से बुजुर्ग की मौत, मुआवजे के लिए सड़क जाम
मुजफ्फरपुर के मुशहरी नवादा चौक पर तेज रफ्तार कार की टक्कर से 62 वर्षीय रामनरेश सिंह की मौत हो गई। मुआवजे की मांग पर ग्रामीणों ने मुजफ्फरपुर-पूसा मार्ग जाम किया।
मुशहरी में तेज रफ्तार कार की टक्कर से बुजुर्ग की मौत, मुआवजे की मांग पर ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
मुजफ्फरपुर: मुशहरी थाना क्षेत्र के नवादा चौक पर गुरुवार की सुबह सड़क हादसे में 62 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। बुजुर्ग सड़क किनारे चाय की दुकान पर चाय पी रहे थे, तभी तेज रफ्तार एर्टिगा कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को स्थानीय लोगों की मदद से मुशहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पहुंचाया गया। वहां से चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। एसकेएमसीएच में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान मुशहरी थाना क्षेत्र के नरौली डीह निवासी प्रहलाद सिंह के 62 वर्षीय पुत्र रामनरेश सिंह के रूप में हुई है। वह कीर्तन मंडली से जुड़े थे। स्थानीय लोग उन्हें सम्मान से 'व्यास जी' कहकर बुलाते थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक का माहौल बन गया। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचने पर ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर मुजफ्फरपुर-पूसा मार्ग पर प्रदर्शन किया।
नवादा चौक पर चाय पीने के दौरान हुआ हादसा
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, रामनरेश सिंह रोजाना नरौली डीह से पैदल चलकर नवादा चौक के पास स्थित विनोद पंडित की चाय की दुकान पर आते थे। सुबह चाय पीना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था। गुरुवार को भी वह रोज की तरह सुबह करीब छह बजे चाय की दुकान पर पहुंचे थे।
बताया जाता है कि वह सड़क किनारे खड़े होकर चाय पी रहे थे। इसी दौरान नरौली की ओर से आ रही एक एर्टिगा कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।
अचानक हुए हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल बुजुर्ग को संभाला और इलाज के लिए मुशहरी पीएचसी पहुंचाया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए एसकेएमसीएच रेफर कर दिया।
हालांकि, मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस की आवश्यक प्रक्रिया के तहत शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
ग्रामीणों ने कार और चालक को पकड़कर पुलिस को सौंपा
हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने कार और उसके चालक को पकड़ लिया। इसके बाद दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। बताया गया कि कार में कई लोग सवार थे और वे शहर की ओर जा रहे थे।
घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने फोन के माध्यम से पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने हादसे से संबंधित जानकारी जुटाई तथा मामले की जांच शुरू की।
इस घटना के बाद नवादा चौक और आसपास के इलाके में लोगों के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर चर्चा होने लगी। स्थानीय लोगों का कहना था कि सड़क किनारे चाय की दुकान पर सुबह के समय लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में वाहन चालकों को गति पर नियंत्रण रखते हुए सावधानी से वाहन चलाना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
शव घर पहुंचते आक्रोशित हुए ग्रामीणही
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को अपराह्न करीब तीन बजे रामनरेश सिंह का शव उनके घर पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक के साथ आक्रोश भी देखने को मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने नवादा चौक पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बांस-बल्ला लगाकर सड़क पर आवागमन रोक दिया। इस दौरान टायर जलाकर भी विरोध जताया गया। ग्रामीण मृतक के आश्रितों को तत्काल मुआवजा देने की मांग कर रहे थे।
सड़क जाम के कारण मुजफ्फरपुर-पूसा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। करीब आधे घंटे तक सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि सड़क हादसे में परिवार के सदस्य की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ऐसे में पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। ग्रामीण अपनी मांग को लेकर मौके पर डटे रहे।
बीडीओ और थानाध्यक्ष ने लोगों को समझाया
सड़क जाम की सूचना मिलने के बाद मुशहरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) विनोद आनंद और मुशहरी थानाध्यक्ष सुबोध कुमार मेहता पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया।
बीडीओ विनोद आनंद ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सरकारी प्रावधानों के तहत मृतक के आश्रितों को मिलने वाली आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अंतिम संस्कार के लिए तत्काल तीन हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क से जाम हटा लिया। इसके बाद मुजफ्फरपुर-पूसा मार्ग पर यातायात सामान्य हो सका। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया कि पात्रता और सरकारी नियमों के अनुसार सहायता से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
पुलिस ने कार जब्त कर चालक के खिलाफ दर्ज की प्राथमिकी
इस सड़क हादसे को लेकर मुशहरी थानाध्यक्ष सुबोध कुमार मेहता ने बताया कि सड़क दुर्घटना में एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हुई है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल कार को जब्त कर लिया है। साथ ही वाहन चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे की परिस्थितियों और अन्य संबंधित तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कीर्तन मंडली से जुड़े थे रामनरेश सिंह
रामनरेश सिंह की पहचान इलाके में कीर्तन मंडली से जुड़े व्यक्ति के रूप में थी। ग्रामीण उन्हें 'व्यास जी' कहकर पुकारते थे। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी शोक है।
नवादा चौक पर हुई यह घटना एक बार फिर सड़क पर सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाती है। खासकर बाजार, चौक-चौराहों और आबादी वाले इलाकों में वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है।
फिलहाल पुलिस ने कार जब्त कर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले रामनरेश सिंह के परिजनों को सरकारी प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता मिलने का इंतजार
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