मुजफ्फरपुर पति के मौत से पहले SKMCH से पत्नी आशिक के साथ फरार का आरोप
मुजफ्फरपुर के करजा क्षेत्र के सुबोध कुमार की एसकेएमसीएच में इलाज के दौरान मौत हो गई। भाई ने पत्नी और दोस्त पर आरोप लगाते हुए पुलिस में बयान दर्ज कराया।
मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में भर्ती पति की मौत, पत्नी पर प्रेमी के साथ जाने का आरोप; भाई ने पुलिस को दिया बयान
करजा थाना क्षेत्र के युवक की मौत के मामले में परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, हरियाणा में मारपीट से घायल होने का दावा; पुलिस ने बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की बात कही।
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के करजा थाना क्षेत्र से एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने उसकी पत्नी और गांव के ही एक दोस्त पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि करीब पांच महीने पहले युवक अपनी पत्नी के साथ हरियाणा में काम करने गया था। इस दौरान उसके दोस्त और पत्नी के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। आरोप है कि इसके बाद युवक के साथ मारपीट की गई, जिसमें वह घायल हो गया। बाद में उसे इलाज के लिए मुजफ्फरपुर लाया गया, जहां एसकेएमसीएच में भर्ती रहने के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक के भाई का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान ही मेरे भाई पत्नी कथित रूप से मेरे भाई के दोस्त के साथ चली गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मृतक के भाई का बयान दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित थाने को भेजा जाएगा।
पांच महीने पहले पत्नी के साथ हरियाणा गया था युवक
मृतक की पहचान करजा थाना क्षेत्र के करजा अनंत गांव निवासी 28 वर्षीय सुबोध कुमार के रूप में हुई है। उनके भाई विनोद कुमार यादव के अनुसार, करीब पांच महीने पहले गांव का ही एक दोस्त नें मेरे भाई सुबोध और उनकी पत्नी को काम करने के लिए हरियाणा बुलाया था। परिवार को उम्मीद थी कि वहां काम करके सुबोध अपनी आर्थिक स्थिति बेहतर कर सकेंगे।
विनोद कुमार का आरोप है कि हरियाणा में रहने के दौरान उनके भाई की पत्नी और दोस्त के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद दोनों ने मिलकर सुबोध के साथ मारपीट की। इस घटना में सुबोध घायल हो गए थे। हालांकि, मारपीट किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
हरियाणा से घायल अवस्था में मुजफ्फरपुर लाया गया
मृतक के भाई के मुताबिक, हरियाणा में घायल होने के बाद सुबोध को उनकी पत्नी और दोस्त नें मुजफ्फरपुर लेकर आया था। इसके बाद उन्हें पहले एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। वहां उनकी हालत में सुधार नहीं होने पर एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया।
परिजनों के अनुसार, सुबोध को 18 अक्टूबर 2026 को श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच), मुजफ्फरपुर में इलाज चल रहा था। परिवार के लोग उनके ठीक होने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन 24 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब नौ बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
युवक की मौत के बाद परिवार में दुख का माहौल है। परिजन अब पूरे मामले की जांच कराए जाने और घटना के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं।
भाई का आरोप- अस्पताल से चली गई पत्नी और दोस्त
विनोद कुमार यादव ने आरोप लगाया कि उनके भाई की हालत गंभीर होने के दौरान उनकी पत्नी कथित तौर पर अपने दोस्त के साथ चली गई। मृतक के भाई का कहना है कि इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन बंद मिल रहे हैं, जिसके कारण उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुबोध की करीब पांच महीने की कमाई की रकम और उनका मोबाइल फोन भी साथ ले जाया गया है। परिवार को आशंका है कि युवक के साथ हुई कथित मारपीट, अस्पताल में भर्ती होने और पत्नी के चले जाने की घटनाओं के बीच संबंध हो सकता है। मृतक के पत्नी और कथित दोस्त का पक्ष सामने नहीं आया है। उनकी प्रतिक्रिया तथा पुलिस जांच के निष्कर्षों के बिना इन आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
एसकेएमसीएच ओपी में दर्ज कराया बयान
मामले को लेकर मृतक के भाई विनोद कुमार यादव ने एसकेएमसीएच ओपी में पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है। उन्होंने अपने भाई की मौत से जुड़ी परिस्थितियों और पत्नी तथा उसके दोस्त को लेकर लगाए गए आरोपों की जानकारी पुलिस को दी है।
एसकेएमसीएच ओपी प्रभारी पिंटू कुमार ने बताया कि मृतक के भाई का बयान दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि बयान संबंधित थाना को भेजा जाएगा, जिसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, फिलहाल बयान दर्ज किए जाने और उसे संबंधित थाने को भेजने की प्रक्रिया की बात कही गई है। मामले में किसी की गिरफ्तारी, आरोपों की पुष्टि या जांच के अंतिम नतीजे की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
जांच से स्पष्ट होंगी मौत से जुड़ी परिस्थितियां
सुबोध कुमार की मौत के मामले में कई सवालों का जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा। इनमें हरियाणा में उनके साथ कथित मारपीट की घटना, चोट लगने की परिस्थितियां, मुजफ्फरपुर में कराए गए इलाज और अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान पत्नी के कथित रूप से चले जाने से जुड़े पहलू शामिल हैं।
इसके अलावा, मृतक की कमाई और मोबाइल फोन को लेकर लगाए गए आरोपों की भी जांच की आवश्यकता हो सकती है। पुलिस संबंधित पक्षों के बयान, उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर सकती है।
परिजनों के आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। मामले में संबंधित लोगों का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल, 28 वर्षीय सुबोध कुमार की मौत के बाद उनके परिवार ने पुलिस से मामले की जांच की उम्मीद जताई है। एसकेएमसीएच ओपी प्रभारी के अनुसार, मृतक के भाई का बयान संबंधित थाने को भेजा जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब पुलिस जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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