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Muzaffarpur News: SKMCH की बदहाली! न बेड मिला, न वार्ड, मरीज को रास्ते पर लिटाने की नौबत

मुजफ्फरपुर SKMCH में घायल बच्चे को OPD दिखाने पहुंचे परिजन को गेट पर ऑटो अंदर ले जाने से रोकने का आरोप लगा। इसके बाद बच्चे को चादर पर लिटाया गया। मामले की जांच की जा रही है।

11 सितंबर 2026 को 4:22 PM बजे
Muzaffarpur, Bihar
Crime Sach Khabar
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मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच में इलाज के लिए पहुंचा घायल बच्चा, गेट पर रोका ऑटो तो चादर पर लेटाया

मुजफ्फरपुर: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) से शुक्रवार को सामने आई एक घटना ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि इलाज के लिए अपने बच्चे को लेकर पहुंचे परिजन को अस्पताल परिसर के अंदर ऑटो ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद परिजनों ने SKMCH ओपी के पास चादर बिछाकर घायल बच्चे को जमीन पर ही लिटा दिया।

बताया जा रहा है कि शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बोचहां थाना क्षेत्र के पिरकपुर गांव निवासी सुरेंद्र सहनी अपने पुत्र शिवम कुमार को इलाज के लिए SKMCH लेकर पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पहले शिवम अपने घर से सामान लाने जा रहा था। इसी दौरान बाइक सवार ने उसे ठोकर मार दी थी। हादसे में घायल होने के बाद परिजन आनन-फानन में उसे SKMCH लेकर पहुंचे थे।

पहले कराया था इलाज, अब दोबारा पहुंचे अस्पताल

परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद शिवम को SKMCH में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद परिजन उसे अपने साथ घर ले गए थे। शुक्रवार को बच्चे को दोबारा डॉक्टर को दिखाने और OPD में इलाज कराने के लिए वे ऑटो से SKMCH पहुंचे।

परिजनों के मुताबिक, अस्पताल के गेट पर मौजूद गार्ड ने ऑटो को अंदर ले जाने से मना कर दिया। बच्चे की स्थिति को देखते हुए परिजन उसे पैदल अंदर ले जाने की स्थिति में नहीं थे। इसके बाद उन्होंने SKMCH की ओपी के पास चादर बिछाई और घायल बच्चे को उसी पर लिटा दिया।

अस्पताल परिसर में चादर पर लेटा रहा बच्चा

परिजनों के अनुसार, बच्चा काफी देर तक अस्पताल के रास्ते के पास चादर पर ही लेटा रहा। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्था को लेकर परिजनों में नाराजगी देखने को मिली। उनका आरोप है कि मरीज को अस्पताल में इलाज के लिए लाने के बावजूद ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा।

परिजनों ने SKMCH की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मरीज को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए वाहन अंदर नहीं जाने दिया जाएगा तो गंभीर या घायल मरीजों को इलाज के लिए कैसे ले जाया जाएगा।

SKMCH अधीक्षक ने क्या कहा?

मामले को लेकर SKMCH अधीक्षक महेश प्रसाद ने बताया कि घटना की जानकारी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह मामला अस्पताल प्रशासन की जांच के दायरे में है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि घायल बच्चे को अस्पताल परिसर में वाहन से लाने से क्यों रोका गया और इस दौरान अस्पताल के नियमों का पालन हुआ था या नहीं।

यह घटना एक बार फिर मरीजों और उनके परिजनों के लिए अस्पताल की व्यवस्था, गेट पर वाहनों की आवाजाही और जरूरतमंद मरीजों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने जैसे सवालों को सामने लाती है।

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