मुजफ्फरपुर-शिवहर सड़क टेंडर पर सवाल, ठेकेदार के खिलाफ जांच की मांग
मुजफ्फरपुर-शिवहर सड़क टेंडर को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता ने M/s Ganesh Ram Dokania पर गंभीर आरोप लगाते हुए टेंडर रद्द करने और जांच की मांग की है।
शिवहर-मीनापुर-कांटी सड़क टेंडर को लेकर शिकायत, ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग
मुजफ्फरपुर: शिवहर–मीनापुर–कांटी सड़क परियोजना के टेंडर को लेकर एक सामाजिक कार्यकर्ता ने रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट (RCD) के अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए टेंडर प्रक्रिया में शामिल ठेकेदार फर्म के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता देवव्रत कुमार साहनी ने 22 सितंबर 2026 को अधिकारियों को दिए प्रतिनिधित्व में M/s Ganesh Ram Dokania से संबंधित कई गंभीर बिंदुओं का उल्लेख किया है।
शिकायत में Tender No. RCD/SHR/EPC/01/2025-26 का जिक्र है। दस्तावेज के अनुसार इस टेंडर की अनुमानित लागत करीब 190.64 करोड़ रुपये है और EMD राशि 2,00,70,000 रुपये निर्धारित थी। टेंडर की बोली 30 मई 2025 को खोली गई थी और शिकायत में संबंधित फर्म को L1 रैंकिंग प्राप्त होने का उल्लेख किया गया है।
फर्म के खिलाफ कई बिंदुओं पर शिकायत
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि संबंधित फर्म के बारे में पूर्व में हुई विभिन्न प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाइयों की जानकारी टेंडर प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हो सकती है। प्रतिनिधित्व में दावा किया गया है कि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड की ओर से फर्म के खिलाफ जुलाई 2026 में दो वर्ष की अवधि के लिए डिबारमेंट का आदेश जारी किया गया था। शिकायतकर्ता ने इसे वर्तमान टेंडर में फर्म की पात्रता से जोड़ते हुए जांच की मांग की है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि फर्म के खिलाफ पूर्व में NHIDCL/MoRT&H की ओर से बैंक गारंटी से संबंधित कार्रवाई हुई थी। प्रतिनिधित्व में इसे फर्जी बैंक गारंटी से जुड़ा मामला बताया गया है। हालांकि, इन सभी दावों की वास्तविक स्थिति और वर्तमान टेंडर की पात्रता पर उनके प्रभाव का अंतिम निर्धारण संबंधित विभागीय रिकॉर्ड और सक्षम प्राधिकारी की जांच से ही होगा।
आर्थिक स्थिति को लेकर भी उठाए सवाल
प्रतिनिधित्व में शिकायतकर्ता ने फर्म की वित्तीय स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। दस्तावेज में UCO Bank से जुड़े NPA और SARFAESI proceedings का उल्लेख किया गया है। साथ ही CRISIL की ओर से कथित 'D' रेटिंग का भी जिक्र है। शिकायतकर्ता का कहना है कि करीब 190 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले प्रोजेक्ट को देखते हुए कंपनी की वित्तीय क्षमता की जांच की जानी चाहिए।
इसके अलावा शिकायत में मुशहरी थाना कांड संख्या 236/2023 का उल्लेख करते हुए फर्म के साझेदारों के खिलाफ सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग से संबंधित मामला दर्ज होने का दावा किया गया है। प्रतिनिधित्व में Economic Offences Unit और National Green Tribunal से संबंधित कार्रवाइयों का भी उल्लेख किया गया है। ये सभी बातें शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज में दर्ज आरोप और संदर्भ हैं; इन्हें अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
झारखंड की सड़क परियोजना का भी जिक्र
शिकायत में झारखंड की Dumka–Rampurhat Road परियोजना का भी उल्लेख किया गया है। इसमें दावा किया गया है कि संबंधित फर्म का अनुबंध समाप्त किया गया था और बैंक गारंटी को भुनाया गया था। शिकायतकर्ता ने इस मामले से जुड़े झारखंड हाईकोर्ट के आदेश का भी संदर्भ दिया है।
टेंडर रद्द करने और जांच की मांग
देवव्रत कुमार साहनी ने अपने प्रतिनिधित्व में संबंधित विभाग से M/s Ganesh Ram Dokania की बोली रद्द करने और फर्म को अयोग्य घोषित करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने फर्म और उसके साझेदारों के खिलाफ भविष्य के RCD प्रोजेक्ट में स्थायी ब्लैकलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी रखी है।
शिकायतकर्ता ने 2.007 करोड़ रुपये की EMD को जब्त करने तथा जमा की गई Performance Bank Guarantee की जांच और आवश्यकता पड़ने पर उसके encashment की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने कथित धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी टेंडर में तथ्यों के गलत प्रस्तुतीकरण के आरोपों की जांच कर आपराधिक प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
20.43 किलोमीटर सड़क परियोजना
उपलब्ध दस्तावेज में शिवहर–मीनापुर–कांटी सड़क परियोजना को चार लेन सड़क निर्माण से जुड़ा EPC प्रोजेक्ट बताया गया है। परियोजना की लंबाई 20.43 किलोमीटर दर्ज है। सार्वजनिक रूप से इंडेक्स किए गए टेंडर रिकॉर्ड के अनुसार इसकी अनुमानित लागत करीब 190.64 करोड़ रुपये और EMD 2.007 करोड़ रुपये थी। बाद की परियोजना जानकारी में M/S Ganesh Ram Dokania को ठेकेदार और परियोजना का agreement value करीब 142.22 करोड़ रुपये बताया गया है।
दस्तावेज में यह भी दर्ज है कि परियोजना की शुरुआत 25 नवंबर 2025 और अपेक्षित पूर्णता 24 नवंबर 2027 बताई गई है। हालांकि टेंडर रिकॉर्ड में प्रकाशन की तारीख को लेकर अलग-अलग इंडेक्स्ड रिकॉर्ड में 9 मई और 15 मई 2025 दोनों तारीखें सामने आई हैं। रिपोर्ट में मूल टेंडर नोटिस के बिना किसी एक तारीख को अंतिम मानने से बचने की बात भी कही गई है।
बैंक गारंटी से जुड़े दस्तावेजों पर महत्वपूर्ण बात
दस्तावेज तैयार करने वाले शोध नोट में स्पष्ट किया गया है कि Bid Security, Performance Security, Additional Performance Security और Advance Payment Guarantee जैसी कई बैंक-सिक्योरिटी शर्तों का सटीक टेंडर-विशिष्ट विवरण मूल NIT/RFQ/EPC दस्तावेज से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सका। इसलिए इन शर्तों के बारे में अनुमान लगाने से बचने और मूल दस्तावेज प्राप्त कर जांच करने की सलाह दी गई है।
अब देखना होगा कि रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट शिकायत में लगाए गए आरोपों पर क्या संज्ञान लेता है और क्या संबंधित टेंडर, फर्म की पात्रता तथा पूर्व की कार्रवाइयों से जुड़े दस्तावेजों की विभागीय स्तर पर जांच कराई जाती है।
कमेंट्स लोड हो रहे हैं...
