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मुजफ्फरपुर: मीनापुर के अली नेउरा में जर्जर स्कूल भवन, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

मुजफ्फरपुर के मीनापुर स्थित राजकीय मध्य विद्यालय अनु. जाति माली टोला अली नेउरा में जर्जर भवन को लेकर बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। ग्रामीणों ने मरम्मत की मांग की है, वहीं मध्याह्न भोजन को लेकर भी शिकायत सामने आई है। शिक्षा विभाग ने जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

6 अक्टूबर 2026 को 4:31 PM बजे
Muzaffarpur, Bihar
Crime Sach Khabar
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मुजफ्फरपुर के मीनापुर में जर्जर स्कूल भवन को लेकर चिंता, बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल

मुजफ्फरपुर: जिले के मीनापुर प्रखंड क्षेत्र के अली नेउरा स्थित राजकीय मध्य विद्यालय अनु. जाति माली टोला के जर्जर भवन को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय की इमारत काफी समय से खराब स्थिति में है और छत से प्लास्टर के टुकड़े गिरने की बात सामने आ रही है। ऐसे में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बनी हुई है।

ग्रामीण राहुल कुमार के मुताबिक, विद्यालय भवन की स्थिति पिछले करीब दो वर्षों से खराब है। उनका कहना है कि स्कूल में रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे पढ़ने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में जर्जर भवन के बीच बच्चों की पढ़ाई होने से किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है।

राहुल कुमार ने बताया कि उन्होंने कई बार विद्यालय के प्रधानाध्यापक से भवन की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि छत से लगातार प्लास्टर गिरने की स्थिति बनी हुई है। राहुल ने कहा कि उनका बच्चा भी इसी विद्यालय में पढ़ता है, इसलिए उन्हें अपने बच्चे समेत अन्य विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर चिंता है।

छत के प्लास्टर गिरने का दावा

स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय भवन की मरम्मत समय पर नहीं होने के कारण भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, छत और अन्य हिस्सों से प्लास्टर गिरने की समस्या सामने आती रही है। हालांकि, भवन की वास्तविक स्थिति और मरम्मत की आवश्यकता का अंतिम आकलन संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

ग्रामीणों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग विद्यालय भवन का निरीक्षण कराकर आवश्यक मरम्मत या निर्माण कार्य जल्द शुरू कराए, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई का अवसर मिल सके।

मध्याह्न भोजन को लेकर भी शिकायत

विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन को लेकर भी स्थानीय स्तर पर शिकायत सामने आई है। राहुल कुमार का आरोप है कि बच्चों को कई बार भोजन में कीड़े मिलने की शिकायत हुई है और भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी अभिभावक संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक से शिकायत की गई है।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। भोजन की गुणवत्ता और मध्याह्न भोजन से संबंधित व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

प्रधानाध्यापक ने क्या कहा?

मामले में विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि वह वर्ष 2023 से विद्यालय में कार्यरत हैं। उनके अनुसार, स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर विभाग को लगातार पत्र के माध्यम से जानकारी दी जाती रही है। प्रधानाध्यापक का कहना है कि भवन की मरम्मत को लेकर विभागीय स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है।

मध्याह्न भोजन को लेकर प्रधानाध्यापक ने बताया कि कुछ मौकों पर चावल में कीड़े मिलने की समस्या सामने आई थी। ऐसी स्थिति में उस चावल को बच्चों को नहीं परोसा गया और उसे हटाकर नया चावल उपलब्ध कराया गया। प्रधानाध्यापक के अनुसार, बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन देने का प्रयास किया जाता है।

इससे साफ है कि भवन की स्थिति और मध्याह्न भोजन दोनों मामलों में विभागीय स्तर पर निरीक्षण और जांच जरूरी है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और यदि कहीं कमी है तो उसे दूर किया जा सके।

जांच और कार्रवाई का आश्वासन

मामले को लेकर मीनापुर प्रखंड के BO (प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी) ने बताया कि विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति के संबंध में विभाग को लिखा जाएगा। साथ ही, बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की भी जांच कराई जाएगी।

बीईओ ने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्कूल भवन की स्थिति की जानकारी विभाग को देकर आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर जल्द कार्रवाई की मांग

विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने स्कूल भवन का निरीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि किसी भी सरकारी विद्यालय में बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिलना जरूरी है। यदि भवन का कोई हिस्सा कमजोर है या छत से प्लास्टर गिरने की समस्या है तो उसे समय रहते दुरुस्त किया जाना चाहिए।

फिलहाल, मामले में विभाग की जांच और आगे की कार्रवाई का इंतजार है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विद्यालय भवन की मरम्मत के लिए किस स्तर पर काम की जरूरत है और मध्याह्न भोजन को लेकर मिली शिकायतों में कितनी सच्चाई है।

नोट: इस रिपोर्ट में ग्रामीण द्वारा लगाए गए आरोपों को आरोप/शिकायत के रूप में रखा गया है। उनकी स्वतंत्र पुष्टि का दावा नहीं किया गया है। वहीं, प्रधानाध्यापक और बीईओ का पक्ष भी रिपोर्ट में शामिल किया गया है। इससे खबर को तथ्यपरक और संतुलित तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है।

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