Muzaffarpur News: PHD Vibhag Nal Jal Yojana ग्रामीणों ने लगाया जेई पर आरोप
Muzaffarpur News: मीनापुर के धर्मपुर पंचायत वार्ड-9 में नल-जल योजना को लेकर ग्रामीणों ने पानी की आपूर्ति, जमीन और योजना के स्थान चयन पर सवाल उठाए हैं। JE मनोज कुमार ने योजना को स्वीकृत बताते हुए निर्माण पूरा होने के बाद पानी मिलने की बात कही।
मीनापुर में नल-जल योजना को लेकर ग्रामीणों का हंगामा, जमीन और स्थान चयन पर उठे सवाल
मुजफ्फरपुर: जिले के मीनापुर प्रखंड की धर्मपुर पंचायत के वार्ड नंबर-9 में नल-जल योजना को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि हरदिया टोला में करीब 250 घरों तक नल कनेक्शन लगाए जाने के बावजूद अभी तक नियमित रूप से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। इसी बीच जलापूर्ति योजना के लिए जमीन और निर्माण स्थल के चयन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि योजना के निर्माण के लिए जिस स्थान का चयन किया गया है, उसको लेकर ग्रामीणों के बीच सहमति नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जलापूर्ति योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक परिवारों तक पेयजल पहुंचाना है, इसलिए निर्माण स्थल का चयन भी क्षेत्र की जरूरत और सार्वजनिक सुविधा को ध्यान में रखकर होना चाहिए। इसी मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से योजना की पूरी प्रक्रिया, निर्माण स्थल के चयन और जलापूर्ति शुरू होने की समयसीमा के बारे में जानकारी देने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में पेयजल की जरूरत लंबे समय से बनी हुई है और नल कनेक्शन लगाए जाने के बाद लोगों को पानी मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, योजना अभी निर्माणाधीन बताई जा रही है और विभाग की ओर से निर्माण पूरा होने के बाद जलापूर्ति शुरू करने की बात कही गई है। जमीन और स्थान चयन को लेकर ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति विभागीय दस्तावेज और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
करीब 250 घरों तक नल कनेक्शन का दावा
ग्रामीणों के अनुसार धर्मपुर पंचायत के वार्ड नंबर-9 के हरदिया टोला में करीब 250 घरों तक नल कनेक्शन लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कनेक्शन लगने के बाद भी घरों तक नियमित पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे योजना का अपेक्षित लाभ अभी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नल-जल योजना से उन्हें उम्मीद थी कि घर के आसपास ही पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, लेकिन जलापूर्ति शुरू नहीं होने के कारण परेशानी बनी हुई है। लोगों ने विभाग से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि योजना के तहत कितनी क्षमता की जलापूर्ति व्यवस्था तैयार की जा रही है और निर्माण पूरा होने के बाद किन-किन इलाकों में पानी पहुंचाया जाएगा। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि बड़ी संख्या में घरों तक कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है तो पानी की आपूर्ति शुरू होने में देरी का कारण भी लोगों को बताया जाना चाहिए। इस संबंध में ग्रामीणों ने अधिकारियों से मौके पर स्थिति की जानकारी लेने और योजना की प्रगति के बारे में स्पष्ट सूचना उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल पाइप और नल लगाने से योजना का उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि लोगों के घरों तक नियमित पानी पहुंचना जरूरी है। वहीं विभाग की ओर से निर्माण कार्य पूरा होने के बाद जलापूर्ति शुरू किए जाने की बात कही गई है। फिलहाल ग्रामीण निर्माण कार्य पूरा होने और पानी की आपूर्ति शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
मुनचुन देवी ने जमीन उपलब्ध कराने के आवेदन का किया दावा
स्थानीय निवासी मुनचुन देवी ने बताया कि उन्होंने 25 अप्रैल 2025 को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग यानी PHED को जलापूर्ति योजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने के संबंध में आवेदन दिया था। मुनचुन देवी के अनुसार, उन्होंने योजना के लिए अपनी जमीन स्वेच्छा से उपलब्ध कराने की इच्छा जताई थी और आवेदन में जमीन से संबंधित विवरण भी दिया था। उनके द्वारा बताए गए विवरण के अनुसार आवेदन में खाता संख्या 67, खेसरा संख्या 74 और 20×20 वर्ग फीट जमीन का उल्लेख किया गया था। मुनचुन देवी का दावा है कि उनके आवेदन पर PHED के जेई मनोज कुमार के हस्ताक्षर भी हुए थे। उनका कहना है कि उन्हें हरदिया टोला में जलापूर्ति योजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी थी। बाद में योजना के निर्माण के लिए दूसरे स्थान का चयन किए जाने की बात सामने आने पर उन्होंने इस पर सवाल उठाया। मुनचुन देवी का कहना है कि यदि विभाग के पास पहले से जमीन उपलब्ध कराने का आवेदन था तो बाद में किसी दूसरे स्थान को योजना के लिए क्यों चुना गया, इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी जानी चाहिए। उन्होंने विभाग से जमीन के चयन की प्रक्रिया और योजना के निर्माण स्थल से संबंधित दस्तावेजों को स्पष्ट करने की मांग की है। हालांकि, जमीन उपलब्ध कराने और आवेदन पर हस्ताक्षर से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के स्तर पर उपलब्ध दस्तावेजों से नहीं हो सकी है। इस संबंध में विभागीय रिकॉर्ड सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
निर्माण स्थल को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
ग्रामीण राकेश कुमार सहनी सहित अन्य लोगों ने जलापूर्ति योजना के निर्माण स्थल को लेकर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का निर्माण वार्ड सदस्य के घर के आसपास कराया जा रहा है, जिसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। राकेश कुमार सहनी का कहना है कि ग्रामीणों की ओर से पानी की समस्या और योजना के निर्माण स्थल को लेकर सवाल उठाए गए थे, लेकिन उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिल सकी। उन्होंने वार्ड सदस्य चंदन कुमार पर ग्रामीणों से बातचीत के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और पानी उपलब्ध कराने से इनकार करने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना का स्थान किसी व्यक्ति विशेष को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि पूरे वार्ड की जरूरत के आधार पर तय किया जाना चाहिए। लोगों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर निर्माण स्थल, पाइपलाइन की स्थिति और प्रस्तावित जलापूर्ति क्षेत्र की जांच करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि योजना से वार्ड नंबर-9 और आसपास के लोगों को लाभ मिलना है तो निर्माण स्थल और जलापूर्ति व्यवस्था के संबंध में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने विभाग से यह भी मांग की है कि योजना की क्षमता और पानी पहुंचने वाले परिवारों की संख्या की जानकारी सार्वजनिक की जाए। फिलहाल ग्रामीणों की नाराजगी का मुख्य कारण पानी की आपूर्ति शुरू नहीं होना और निर्माण स्थल को लेकर उठे सवाल बताए जा रहे हैं।
वार्ड सदस्य चंदन कुमार ने आरोपों पर दी सफाई
ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों के संबंध में वार्ड सदस्य चंदन कुमार ने अपना पक्ष रखा है। चंदन कुमार ने बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान वह आवेश में आ गए थे और ग्रामीण से ऐसी भाषा में बात कर दी, जिस तरह उन्हें बात नहीं करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि उनसे गलती हुई है और उन्हें इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। वार्ड सदस्य ने अपनी इस गलती को स्वीकार करते हुए कहा कि बातचीत के दौरान स्थिति बिगड़ गई थी और आवेश में उनसे गलत शब्द निकल गए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ इस तरह की भाषा के इस्तेमाल पर खेद जताया। हालांकि, योजना के निर्माण स्थल और जमीन के चयन को लेकर उठाए गए सवालों के संबंध में उनका पक्ष अलग से सामने आना बाकी है। ग्रामीणों की मुख्य आपत्ति योजना के स्थान और जलापूर्ति शुरू होने को लेकर है। वहीं वार्ड सदस्य की ओर से फोन पर हुई बातचीत में अपनी गलती स्वीकार किए जाने के बाद इस मामले का एक पक्ष स्पष्ट हुआ है। अब योजना के निर्माण स्थल और स्वीकृति प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर विभागीय जानकारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ग्रामीण चाहते हैं कि योजना की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट की जाए और यह बताया जाए कि किस आधार पर वर्तमान निर्माण स्थल का चयन किया गया। दूसरी ओर, विभाग की ओर से योजना को स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य जारी होने की बात कही गई है।
JE मनोज कुमार ने बताया- स्वीकृति के बाद चल रहा निर्माण
मामले में PHED के जेई मनोज कुमार ने बताया कि वह मौके पर जाकर स्थिति की जानकारी ले चुके हैं। उनके अनुसार, योजना को स्वीकृति देने से पहले मुखिया और वार्ड से जुड़े लोगों से जानकारी ली गई थी। जेई ने बताया कि संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना को स्वीकृति दी गई और वर्तमान में निर्माण कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कुछ दिनों में लोगों को पानी मिलना शुरू हो जाएगा। जेई मनोज कुमार के अनुसार, प्रस्तावित पानी की टंकी से केवल वार्ड नंबर-9 ही नहीं, बल्कि वार्ड नंबर-10 में भी जलापूर्ति की जाएगी। विभागीय अधिकारी के इस बयान से यह स्पष्ट है कि योजना को केवल एक वार्ड तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि दो वार्डों में जलापूर्ति का प्रावधान बताया गया है। वहीं ग्रामीणों की ओर से जमीन और निर्माण स्थल के चयन को लेकर उठाए गए सवालों पर जेई ने योजना की स्वीकृति से पहले संबंधित लोगों से जानकारी लेने की बात कही है। हालांकि, जमीन चयन को लेकर अलग से किसी जांच या कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। अब योजना का निर्माण पूरा होने और जलापूर्ति शुरू होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने परिवारों तक नियमित पानी पहुंचता है। ग्रामीणों ने भी विभाग से निर्माण की स्थिति और जलापूर्ति शुरू होने की संभावित तारीख के बारे में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है।
निर्माण पूरा होने और पानी शुरू होने का इंतजार
फिलहाल धर्मपुर पंचायत के वार्ड नंबर-9 में नल-जल योजना का निर्माण कार्य जारी बताया जा रहा है। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि योजना जल्द पूरी हो और जिन परिवारों तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया है, उन्हें नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही जमीन और निर्माण स्थल के चयन को लेकर उठे सवालों का भी स्पष्ट जवाब ग्रामीण चाहते हैं। विभाग के जेई मनोज कुमार के अनुसार, निर्माण पूरा होने के कुछ दिनों बाद पानी की आपूर्ति शुरू की जाएगी और प्रस्तावित टंकी से वार्ड नंबर-9 के साथ वार्ड नंबर-10 में भी पानी पहुंचाया जाएगा। ऐसे में अब योजना के पूरा होने और जलापूर्ति शुरू होने के बाद ही इसकी वास्तविक स्थिति सामने आएगी। वहीं मुनचुन देवी की ओर से जमीन उपलब्ध कराने के आवेदन का दावा और निर्माण स्थल को लेकर ग्रामीणों की आपत्ति भी विभागीय रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार योजना का निर्माण जारी है और विभाग ने जलापूर्ति शुरू करने का भरोसा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें योजना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी पारदर्शी तरीके से दी जानी चाहिए। वहीं योजना से संबंधित आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में अंतिम स्थिति विभागीय दस्तावेज, स्थल निरीक्षण और जलापूर्ति शुरू होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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