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Muzaffarpur News: रामपुर हरि में पुलिस की वर्दी में पहुंचे चोर, ले गए आभूषण कपड़े सहित अन्य समान के साथ मवेशियों

रामपुर हरि थाना क्षेत्र में कई घरों में चोरी की सूचना सामने आई है। पुलिस जैसी वर्दी में पहुंचे संदिग्धों पर ग्रामीणों ने चोरी का संदेह जताया है। पुलिस जांच के बाद घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।

4 अक्टूबर 2026 को 11:43 PM बजे
Muzaffarpur, Bihar
Crime Sach Khabar
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रामपुर हरि में कई घरों में चोरी की सूचना, पुलिस जैसी वर्दी में पहुंचे संदिग्धों पर ग्रामीणों ने जताया संदेह

मुजफ्फरपुर। रामपुर हरि। रामपुर हरि थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात कई स्थानों पर चोरी की घटनाएं सामने आने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, चार संदिग्ध लोग पुलिस जैसी वर्दी पहनकर गांवों में पहुंचे थे। ग्रामीणों का कहना है कि इन लोगों ने कई घरों से नकदी, आभूषण और कपड़े सहित अन्य सामान ले जाने के साथ कुछ मवेशियों की भी चोरी की। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, संदिग्धों के पुलिस जैसी वर्दी में होने के कारण शुरुआत में ग्रामीणों को लगा कि कोई पुलिस टीम इलाके में जांच या कार्रवाई के लिए आई है। इसी वजह से लोगों को उन पर तत्काल संदेह नहीं हुआ। बाद में जब अलग-अलग घरों से सामान और मवेशी गायब होने की जानकारी मिली तो ग्रामीणों ने घटना की सूचना स्थानीय स्तर पर दी।

भागवत राय के घर से पेटी और बक्सा ले जाने की जानकारी

परमजीवर पंचायत के मुखिया पति अनिल राय के अनुसार, रामपुर पश्चिम के वार्ड संख्या-3 निवासी भागवत राय के घर से एक पेटी और बक्सा ले जाने की जानकारी मिली है। बताया गया कि इसमें कपड़े, आभूषण और करीब 25 हजार रुपये नकद रखे थे। इसी तरह वार्ड संख्या-4 निवासी कपिल राय के घर से भी नकदी, जेवरात और कपड़े गायब होने की बात सामने आई है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, यहां से करीब 35 हजार रुपये नकद भी ले जाने की बात कही जा रही है। चोरी हुए सामान की वास्तविक सूची और कीमत का सत्यापन संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगा।

मदारीपुर मन के पास मिले खाली बक्से

ग्रामीणों के अनुसार, चोरी के बाद कुछ पेटी और बक्से मदारीपुर मन के पास एक सुनसान स्थान पर मिले। बताया जा रहा है कि बक्सों को खोलने के बाद उनमें रखा सामान निकाल लिया गया और खाली बक्से वहीं छोड़ दिए गए।

इस जानकारी के सामने आने के बाद ग्रामीणों ने आसपास के इलाके में भी जानकारी जुटाई। लोगों का कहना है कि घटना के दौरान संदिग्ध लोग एक वाहन से आवाजाही कर रहे थे। हालांकि वाहन और उसमें मौजूद लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मवेशी गायब होने की भी जानकारी

घटना के दौरान कुछ मवेशियों के गायब होने की जानकारी भी सामने आई है। रामपुर पश्चिम के वार्ड संख्या-9 निवासी फकीरा बैठा, विश्वनाथ ठाकुर और राजेश राय के मवेशी चोरी होने की बात स्थानीय लोगों ने बताई है।

इसके अलावा मदारीपुर पंचायत के वार्ड संख्या-15 निवासी मोहम्मद नसीर के दो खस्सी, वार्ड संख्या-11 निवासी चंदेश्वर राम की एक बकरी और एक खस्सी तथा वार्ड संख्या-10 निवासी झापस महतो की एक बकरी और एक खस्सी गायब होने की जानकारी मिली है।

ग्रामीणों के अनुसार, चोरी किए गए मवेशियों को एक स्कॉर्पियो वाहन में ले जाने की आशंका है। इस संबंध में भी पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस जैसी वर्दी से पैदा हुआ भ्रम

स्थानीय लोगों का कहना है कि संदिग्धों ने पुलिस जैसी वर्दी पहन रखी थी। इस वजह से ग्रामीणों को लगा कि वे किसी सरकारी जांच या कार्रवाई के सिलसिले में आए हैं। इसी दौरान अलग-अलग जगहों पर चोरी की घटनाएं होने की बात सामने आई। इस तरह की घटनाओं में किसी व्यक्ति को केवल स्थानीय आरोप या संदेह के आधार पर दोषी मानना उचित नहीं है। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। जांच के बाद सामने आएगी पूरी जानकारी

घटना के बाद पुलिस के सामने संदिग्धों की पहचान करने और चोरी हुए सामान का पता लगाने की चुनौती है। आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज, संदिग्ध वाहन की जानकारी और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।

वहीं, जिन घरों और पशुपालकों ने चोरी की शिकायत बताई है, उनके सामान और मवेशियों का पूरा विवरण भी जांच के दौरान दर्ज किया जा सकता है। इससे चोरी की कुल कीमत और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।

ग्रामीणों ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की

एक ही रात में कई स्थानों पर चोरी की सूचना सामने आने के बाद ग्रामीणों में चिंता है। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कर संदिग्धों की पहचान करने और चोरी हुए सामान की बरामदगी के लिए कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल मामले से जुड़े कई तथ्य पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे। पुलिस की आधिकारिक जांच और पुष्टि के बाद ही यह तय हो सकेगा कि घटना में कितने लोग शामिल थे और चोरी की पूरी घटना किस तरीके से हुई।

Crime Sach Khabar: यह खबर स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। चोरी और संदिग्धों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। किसी व्यक्ति को पुलिस जांच या न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले दोषी नहीं माना जाना चाहिए।

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