बिहार राजस्व अमीनों का बड़ा ऐलान, 6 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश
बिहार में राजस्व अमीनों का आंदोलन तेज हो गया है। लंबित मांगों के समाधान में देरी का आरोप लगाते हुए संघ ने 6 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश का ऐलान किया है। अमीनों ने पदोन्नति, वेतनमान, सेवा संपुष्टि, स्थानांतरण, सुरक्षा, यात्रा भत्ता और बायोमेट्रिक से छूट समेत कई मांगें रखी हैं।
बिहार में राजस्व अमीनों का आंदोलन तेज, 6 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश का ऐलान
Bihar News: बिहार में राजस्व अमीनों की लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन तेज हो गया है। बिहार राजस्व अमीन संघ की ओर से विभाग को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि लंबे समय से विभिन्न मांगों के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर पत्राचार और बातचीत की जा रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान या ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। संघ के अनुसार 15 मई 2026 को विभागीय स्तर पर संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता हुई थी, जिसमें उनकी मांगों पर आवश्यक और सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बाद भी मांगों के समाधान की दिशा में पर्याप्त कार्रवाई नहीं होने से राज्यभर के अमीनों में नाराजगी और असंतोष बढ़ता गया। इसी क्रम में 5 अक्टूबर 2026 को जिला मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण धरना और बैठक का आयोजन किया गया। संघ को उम्मीद थी कि इस तारीख तक विभाग की ओर से लंबित मांगों पर कोई ठोस पहल होगी, लेकिन पत्र के अनुसार ऐसी कोई सकारात्मक कार्रवाई सामने नहीं आई। इसके बाद संघ की राज्य और जिला कमेटी के आह्वान पर सभी कार्यरत नियमित राजस्व अमीनों ने 6 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है।
राजस्व अमीन संघ की प्रमुख मांगों में सबसे महत्वपूर्ण मांग अमीन पद के लिए बेहतर पदोन्नति व्यवस्था लागू करने की है। संघ ने बिहार अमीन संवर्ग नियमावली 2025 का हवाला देते हुए कहा है कि वर्तमान पदसोपान और पदोन्नति व्यवस्था को अमीनों की जिम्मेदारियों और शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप संशोधित किया जाना चाहिए। संघ ने अमीन के मूल पद के बाद पहली पदोन्नति कानूनगो, राजस्व अधिकारी या समकक्ष पद पर, दूसरी पदोन्नति सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, अंचल अधिकारी या समकक्ष पद पर तथा तीसरी पदोन्नति राजस्व सेवा संवर्ग के अनुसार किए जाने की मांग रखी है। इसके साथ ही संघ ने अमीन पदनाम में बदलाव की भी मांग की है। संघ का कहना है कि वर्तमान ‘अमीन’ पदनाम उनकी मौजूदा तकनीकी और राजस्व संबंधी जिम्मेदारियों को पूरी तरह प्रदर्शित नहीं करता है। इसलिए पदनाम बदलकर ‘सहायक राजस्व अधिकारी-तकनीकी (ARO-Tech)’ करने की मांग की गई है।
वेतनमान को लेकर भी राजस्व अमीन संघ ने बड़ी मांग रखी है। संघ के पत्र के अनुसार अमीन पद के लिए सिविल डिप्लोमा जैसी तकनीकी शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है, लेकिन वर्तमान में मूल पद का Pay Level-3 है। संघ का कहना है कि काम की तकनीकी प्रकृति और शैक्षणिक योग्यता को देखते हुए अमीन पद का वेतनमान Pay Level-6 किया जाना चाहिए। संघ ने अधिसूचना में संशोधन करने के साथ-साथ संशोधित वेतनमान के अनुसार कार्यरत अमीनों को भुगतान की व्यवस्था करने की भी मांग की है। इसके अलावा जिन अमीनों ने संतोषजनक रूप से दो वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उनकी सेवा संपुष्टि जल्द से जल्द करने की मांग की गई है। संघ का कहना है कि विभाग की ओर से अगस्त 2025 में सभी जिलों को सेवा संपुष्टि के लिए निर्देश दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक अमीनों की सेवा संपुष्टि नहीं की गई है।
राजस्व अमीनों ने फील्ड में काम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। संघ के अनुसार विवादित मापी के दौरान कई बार 40 से 50 लोगों की भीड़ के बीच अमीन को अकेले काम करना पड़ता है और उनके साथ पर्याप्त सहयोगी नहीं होते हैं। ऐसी परिस्थितियों में विवाद, गाली-गलौज, मारपीट और धमकी जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। संघ ने मापी के दौरान अमीन के साथ सुरक्षाकर्मी और जंजीरवाहक की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही प्रत्येक अंचल में आवश्यकता के अनुसार जंजीरवाहक की बहाली या पदस्थापन की मांग भी की गई है।
स्थानांतरण को लेकर भी संघ ने विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि कई राजस्व अमीन, जिनमें महिला और दिव्यांग अमीन भी शामिल हैं, अपने गृह जिले से लगभग 300 से 400 किलोमीटर दूर पदस्थापित हैं। संघ के अनुसार राजस्व कर्मचारियों की स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी हुए लगभग तीन महीने हो चुके हैं, जबकि अमीनों के लिए तीन-चार बार स्थानांतरण पोर्टल खुलने के बावजूद प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है। संघ ने लंबित स्थानांतरण प्रक्रिया को जल्द पूरा करते हुए इच्छुक अमीनों का नियमानुसार स्थानांतरण और पदस्थापन करने की मांग की है।
इसके अलावा अमीनों ने मापी और क्षेत्रीय कार्य के दौरान होने वाले खर्च को देखते हुए यात्रा भत्ता और वाहन भत्ता देने की मांग भी की है। संघ के अनुसार अमीनों को कई बार कार्यालय से 15 से 20 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी पर कच्चे रास्तों, पगडंडियों, सुनसान रास्तों और आबादी से दूर क्षेत्रों में जाकर काम करना पड़ता है। वहीं बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर भी संघ ने राहत की मांग की है। संघ का कहना है कि अमीनों का काम मुख्य रूप से क्षेत्रीय है और कई बार उन्हें सुबह से ही फील्ड में निकलना पड़ता है, जिसके कारण कार्यालय में निर्धारित समय पर बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना व्यवहारिक रूप से मुश्किल होता है। इसी वजह से अमीनों को बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से मुक्त करने की मांग की गई है।
राजस्व अमीन संघ ने विभाग की ओर से जारी नई SOP में आवश्यक संशोधन और स्पष्ट मार्गदर्शन की मांग भी की है। संघ के पत्र के अनुसार 17 सितंबर 2026 को पत्र भेजकर नई SOP में मौजूद विभिन्न व्यावहारिक कठिनाइयों, समस्याओं और त्रुटियों से विभाग को अवगत कराया गया था और आवश्यक संशोधन तथा मार्गदर्शन की मांग की गई थी, लेकिन अब तक SOP में आवश्यक संशोधन नहीं किया गया है। संघ ने विभाग से सभी लंबित मांगों पर जल्द कार्रवाई करते हुए समाधान की दिशा में ठोस पहल करने का अनुरोध किया है। वहीं 6 अक्टूबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश के कारण राजस्व विभाग से जुड़े क्षेत्रीय कार्यों पर असर पड़ने की संभावना है। संघ ने पत्र में कहा है कि आंदोलन के कारण उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी विभाग की होगी।
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